बरसात और यादें | Barsat Aur yaadein | Poem by Kushal Sharma
बरसात और यादें (Barsat Aur yaadein) भीगती रहती हैं यादें तेरी, इन बरसाती रातों में,…
बरसात और यादें (Barsat Aur yaadein) भीगती रहती हैं यादें तेरी, इन बरसाती रातों में,…
अधूरा सपना (Adhura Sapna) एक सपना था उस मंज़िल को पाने का, किस्मत के बंद…
सुकून (Sukun) ऊँचे टिले पर बैठकर.. यादों को ताज़ा कर रहा था। बीती बातों में खोया……