जीजा जी की जय हो | Jija Ji Ki Jai Ho | Kushal Sharma

जीजा जी की जय हो Jija Ji Ki Jai Ho Kushal Sharma kushal ki kalam

  जीजा जी की जय हो | Jija Ji Ki  Jai Ho 

जीजा जब आए ससुराल, बन गए जैसे स्वर्ग के दूत,
कंधों पर ले लें सारे काम, चाहे पसीना आए फूट।
कहें – दारू नहीं पी जाएगी, हम संस्कृति के रक्षक हैं,
पर function से पहले ही टल्ली, बोले – आज हम नायक हैं!
दिनभर चले दारू पार्टी, रात को नाचे मुजरा वाला,
फिर हो जाए हल्का ड्रामा – “हमें दो दारू का प्याला!”
“हम नहीं खाएंगे खाना, हम अभी जाएंगे वापस,”
फिर रिश्तेदार दें समझाना – और कर दें थोड़ी कसर।
बंद कर दिया कमरे में, बाहर से कुंडी जड़ी,
सुबह उठे तो पाए गए – हाथ में बलटोई गड़ी।
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