योग्य और अयोग्य | Yogya And Ayogya

          योग्य और अयोग्य | Yogya And Ayogya 

जब योग्य की जगह अयोग्य को बैठाया जाता है,
तो पद की गरिमा घटती है,
निर्णय कमजोर पड़ते हैं,
और व्यवस्था ताउम्र ठोकरें खाती रहती है।
वह आदमी इतना घमंड में चूर हो जाता है कि
वह हर बात पर दूसरों को अयोग्य घोषित
करने में लगा रहता अतः पद की गरिमा को अयोग्य
न होने दो।
योग्य को किनारे कर
जब अयोग्य को सिंहासन मिलता है,
तब कुर्सी तो भर जाती है,
पर जिम्मेदारी खाली रह जाती है।

Also Read: ऐ दर्द | Ae Dard | Kushal Sharma

 

Spread the love

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *