मंजिल | Manzil
कुशल मंजिल देखना एक हसीन सपना है
उस सपने को हासिल करना एक संघर्ष है
जितना संघर्ष होगा तेरी ज़िंदगी में
उतना ही बड़ा तेरा नाम होगा।
तू मांझी बन और संघर्ष कर
राह खुद व खुद मिल जाएगी।
एक न एक दिन उससे मुलाकात हो जाएगी।
बस तू नदी बन
बहता सब कुछ अपने साथ ले जाएगी।
राह मत देख राही बन
आज नहीं तो कल पूरी हो जाएगी।
कर्म करता चल बस
मंजिल खुद व खुद मिल जाएगी
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